चाणक्य की ये बात पानी पीते समय हमेशा याद रखनी चाहिए, तो बच सकोगे इस नुकसान से

ईश्वर ने हर चीज पानी से बनाई है। दुनिया में कोई भी चीज ऐसी नहीं है जिसे शायद ही पानी की जरूरत न पड़ती हो। पानी के बिना जीवन के बारें में कल्पना भी नहीं कर सकते है। किसी भी इंसान को अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उसे एक दिन में कम से कम छ: से आठ लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। पानी पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद चीज है। लेकिन हम गलत वक़्त और सही मात्रा में इसे नहीं लेंगे तो हमारे शरीर को फायदे की बजाय नुकसान उठाना पड़ सकता है।

आयुर्वेद की अनुसार, अगर हम पानी को गलत तरीके से पीते है या फिर जरुरत से ज्यादा भी पीते है तो हमें नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इसके लिए आचर्य चाणक्य ने भी अपनी एक नीति में बताया कि, गलत वक़्त पर पानी पीना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बन सकता है। इसलिए आचर्य चाणक्य ने अपनी एक नीति में बताया कि, खाना खाते समय पानी पीने के लिए भी सावधानी बरतनी चाहिए। अगर हम इसमें सावधानी नहीं बरतेंगे तो हम अपने शरीर को नुकसान पहुंचा सकते है।

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आचार्य चाणक्य बताते है कि, खाना खाने की ठीक बाद पानी नहीं पीना चाहिए। यह आपके लिए एक जहर के समान बन सकता है। और आपके खाने को पचने में दिक्कतें पैदा कर सकता है। हाँ, अगर हम चाहे तो खाना खाने के बीच में थोड़ा-थोड़ा पानी पी सकते हैं, लेकिन बीच में भी ज्यादा पानी पीना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए भोजन करने के कुछ समय पश्चात ही पानी पीना चाहिए। इससे आपके खाने को पचाने में दिक्कत नहीं आएगी।