सिर्फ छ: लोगो की थी पांच सौ और हजार के नोटों पर होने वाली सर्जिकल हमले की खबर

प्रधानमंत्री मोदी जी ने रातों रात एक ऐसा फ़ैसला लिया की पूरा भारत ही नहीं पूरे विश्व मे इसकी हलचल सुनाई दी। भारत मे 500 और 1000 के नोट 8 नवम्बर 2016 की आधी रात से बंद करने की घोषणा करके भारतीय बाज़ार के साथ साथ लोगो को भी सकते मे डाल दिया।

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किसी को सोचने का मौका तक न देने वाले काम करके मोदी जी आज पूरे विश्व मे चर्चा का विषय बने हुए हैं। कल रात 8 बजे प्रधानमन्त्री ने देश को संभोधित होते हुए कह गया की आधी रात के बाद से 500 और 1000 के नोटों का चलन बंद हो जाएगा। जिनके पास भी 500 और 1000 के नोटों का जमावड़ा हैं वो उन्हें 31 दिसम्बर तक बैंक मे जमा करवा सकते हैं। जमा करवाने की भी हदे सरकार ने बताई हैं। इस फैसले से मोदी सरकार का मुख्य उद्देश्य काले धन पर रोक लगाना और जाली नोटों की खरीद फरोख्त पर रोक लगाना हैं।

ये सब उठापटक के पीछे जिन बातों पर लोगो का ध्यान नहीं आज हम आपको बताते हैं की सिर्फ 6 लोगो को ही इस बात की खबर थी की 8 नवम्बर को 500 और 1000 के नोट बंद हो रहे हैं। जिनमे पूर्व और वर्तमान RBI गवर्नर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेन्द्र मिश्रा, आर्थिक मामलो के सचीव शशिकांत दास, वित्त सचीव अशोक लवासा और वित्त मंत्री अरुण जेटली।

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